मेरे अल्फाज
सारी पढ़ाई धरी रह गई, कोचिंग फीस की उधारी चढ़ी रह गई।
सपनों की उड़ान सपना ही रह गई, मासूम आंखें रोती रह गई।।
एक दो या तीन नहीं, अब तो हर परीक्षा में पेपर बिकता है।
गांधी जीवन पर प्रश्नों के उत्तर, अब नोटों का गांधी लिखता है।।
पर अब युवा मांग रहा जवाब कि कब तक यूंही बात बनाओगे।
कब तक चलेगी ये इंक्वायरी, कब तक पेपर लीक झुठलाओगे।।
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