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समान शिक्षा का अधिकार

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नेताओं और अमीरों के बच्चे पढ़ेंगे Private इंग्लिश मीडियम स्कूल में, लाखों रुपए फीस वाले International स्कूलों में! जबकि गरीब जनता के बच्चे सरकारी हिंदी मीडियम स्कूल में! और सरकारी स्कूलों की‌ शिक्षा का स्तर तो आपको पता ही है! बताइये जब NDA, CDS, UPSC, NEET, GATE जैसे कॉम्पटीशन में सरकारी स्कूलों के बच्चे इंटरनेशनल स्कूल में पढ़े बच्चों से Compete करेंगे तो Result क्या ही होगा? क्या सरकारी स्कूल में International स्कूलों के जैसा Exposure मिलता है? अरे Exposure छोड़िए, दोनों के Syllabus में ही जमीन कसैका अंतर है। सरकारी स्कूल में जितने रूपयों में सालभर के पूरे कोर्स की किताबें आ जाएं, उतनी तो प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ एक ही किताब की कीमत होती है। और ऊपर से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर EWS कोटा भी ले जाते हैं ये प्राइवेट स्कूलों के पढ़े हुए लोग। सरकार को आरक्षण सिर्फ उसको ही देना चाहिए जो पूर्णतया सरकारी स्कूलों में पढ़ा हो फिर चाहे वो SC/ST/OBC कैटेगरी से हो या फिर EWS वाला। क्योंकि जो लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस उठाने का माद्दा रखते हैं उनको Economically Weaker Sec...

सेना की कर्नल को आतंकवादियों की बहन कहने वाले मंत्री को भाजपा सरकार में क्यों मिल रहा है संरक्षण?

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May 2025 को "आपरेशन सिंदूर" के दौरान मध्यप्रदेश के Tribal Affairs Minister विजय शाह ने Indian Army की कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकवादियों की बहन" कहा था जिस पर सरकार और प्रशासन के कोई एक्शन ना लेने पर हाईकोर्ट को स्वत: संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश देना पड़ा था। लेकिन मंत्रीजी को गिरफ्तार करने की जगह मामले की जांच के लिए SIT कमेटी बना दी गई जबकि सार्वजनिक बयानबाजी की वीडियो फुटेज उपलब्ध थी और मंत्रीजी के खिलाफ FIR का आदेश देने वाले हाइकोर्ट के जज अतुल श्रीधरन का ट्रांसफर कर दिया गया। उस जांच कमेटी ने 3-4 महीने बाद अगस्त 2025 में मंत्री Vijay Shah के खिलाफ सांप्रदायिकता और शत्रुता को बढ़ावा देने के लिए Section 196 BNS के तहत अपराधिक केस चलाने की सिफारिश की लेकिन MP सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। फिर 5-6 महीने बाद जनवरी 2026 में सुप्रीमकोर्ट ने संज्ञान लिया कि मंत्री विजय शाह के मामले में दी गई SIT रिपोर्ट तो मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के पास अगस्त 2025 से लम्बित पड़ी है और तब जाकर सुप्रीम कोर्ट ने MP CM मोहन यादव की सरकार को आदेश दिया कि 2 हफ्तों के अंदर सरकार...

विश्वगुरु का सरेंडर

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EpsteinFiles में किस्से छपे Trump के और सरेंडर हो गया Modi🤔 अमेरिकी राजनीति के हालात ऐसे थे कि एक तरफ रूस यूक्रेन युद्ध का बोझ और दूसरी तरफ अमेरिकी नेताओं और बड़े बिजनेसमैन के सेक्स कांड! अमेरिका वैश्विक पटल पर ट्रंप की खराब नीतियों के कारण घिरता नजर आ रहा था। इसलिए मोदीजी चाहते तो भारत जैसी बड़ी कंज्यूमर मार्केट का लालच देकर अमेरिका को झुका सकते थे! लेकिन अपनी लचर विदेश नीति के चलते मोदी सरकार ने पूरा खेल ही खराब कर दिया और जहां हम अमेरिका पर दबाव बना सकते थे वहां उल्टा अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया और साथ ही आरोप भी कि “मैं नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहता” और मोदीजी फिर भी ट्रंप को धन्यवाद दे रहे हैं? आखिर क्यों ❓और किसलिए 🤔 

SIR की आड़ में CAA-NRC का खेल

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कृपया ध्यान दीजिए 📢📢📢📢📢 और खासकर वो लोग ध्यान दें जिनको लगता है कि मेरा वोट भी कट गया तो मुझे क्या ही फर्क पड़ेगा🚨🚨🚨🚨🚨 ये SIR आम प्रक्रिया नहीं बल्कि आपके वोट का अधिकार यानि सरकार में आपकी हिस्सेदारी निर्धारित करती है। अगर आपका वोट नहीं तो आपको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा और जब आप सरकारी रिकॉर्ड में नहीं तो आप भारत के नागरिक नहीं। और जब आप भारत के नागरिक ही नहीं रहेंगे तो यहां की सारी प्रापर्टी और जमीन-जायदाद सरकार की हो जाएगी। मतलब SIR में कटा आपका वोट कल को CAA-NRC में आपकी नागरिकता के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए लापरवाही ना बरतें और SIR Register में अपना‌ नाम‌ अभी जुड़वाएं🙏🙏

भारतीय संसद की महाभारत के बीच द्रौपदी का चीर हरण

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आज फिर एक बार आर्यावर्त की राज सभा लगी थी! सभा में कौरवों और पांडवों के बीच राज सत्ता को लेकर फिर से महाभारत हो रही थी! और एक बार फिर से उस सभा में दुःशासन ने द्रौपदी का चीर हरण किया! हमारा राजा एक बार फिर से बस धृतराष्ट्र की तरह अंधा बना बैठा रहा! दुर्योधन कौरवों के साथ द्रौपदी के अपमान पर एक बार फिर से हंस रहा था! लोकसभाध्यक्ष भी कर्ण की तरह यह अन्याय होता देख भी खामोश था! और विपक्ष भी पांडवों की तरह असहाय सा तमाशा देख रहा था! बस फर्क इतना था कि इस बार द्रौपदी की लाज बचाने कोई श्रीकृष्ण नहीं आए🙏 अब देखना यह है कि न्याय के मंदिर का देवता सूर्य बनकर क्या पापियों को सजा देगा❓ और क्या इस बार राज देवी मुर्मू एक द्रौपदी की इज्जत बचाने के लिए मुंह खोलेगी या फिर मणिपुर की तरह मौन रहेगी❓

अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो टैरिफ कैसे भारतीय बाजार को प्रभावित करेगा?

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हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार सौदे में  अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो टैरिफ (यानि शून्य आयात शुल्क) लागू होने से भारतीय बाजार पर कई सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। 1. उपभोक्ताओं और बाजार के लिए सकारात्मक प्रभाव सस्ते उत्पादों की उपलब्धता : अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे बादाम, सेब, सोयाबीन, मक्का, डेयरी उत्पाद (जैसे Cheese और Milk पाउडर), और Poultry (मुर्गी मांस) भारतीय बाजार में बिना शुल्क के आ सकेंगे। जि ससे इनकी कीमतें 10-50% तक कम हो सकती हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा। उदाहरण के लिए, सोयाबीन आयल जैसी चीजें सस्ती होंगी, जो खाद्य तेल उद्योग को लाभ पहुंचाएगी। उत्पाद विविधता और गुणवत्ता में वृद्धि : अमेरिकी उत्पादों की आसान पहुंच से बाजार में ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे, खासकर Premium या Processed Foods में। इससे शहरी उपभोक्ताओं और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग को फायदा मिलेगा। औद्योगिक इनपुट्स की लागत कम : सोयाबीन, मक्का और अन्य Feedstock सस्ते होने से पशुपालन, पोल्ट्री और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की उत्पादन लागत घटेगी, जो अंततः भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्ध...

$500bn की Indo-American Trade डील

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यह $500bn की Indo-American Trade Deal मोदी सरकार का अपनी तरह का एक अनोखा सौदा है और भक्तगण इसे मोदीजी का मास्टरस्ट्रोक कहेंगे🙏 जब UK और Europe पर 10-15% टैरिफ है तब 140 करोड़ ग्राहकों जैसी बड़ी Market Opportunity वाले India में हमारे महामानव 500 अरब डॉलर के व्यापार वादे पर 18% टैरिफ लाए हैं। मुझे तो लगता है कि India को European Mega Trade Deal का lollipop पकड़ाकर एक बार फिर हमारे नरेंदर अपने दोस्त Adani को अमेरिकी केस में बचाने के लिए Epstein Files में नामित Sex offender और वर्तमान अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump के सामने सरेंडर कर गए। वैसे स्वदेशी की बात करते बात कब विदेशी और Make in India से Buy American तक पहुंच गई पता ही नहीं चला😂 मोदी-ट्रंप की ये डील अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में नई मार्केट देगी लेकिन इस डील के कारण पहले से बाजार की अस्थिरता कर्ज का बोझ झेल रहा ग्रामीण वर्ग का भारतीय किसान बर्बाद हो जाएगा क्योंकि इस डील के बाद भारतीय मार्केट में अमेरिकी कृषि प्रोडक्ट्स राज करेंगे। अब तो मोदीजी के आत्मनिर्भर भारत मिशन वाले इस देश में सैन्य आपरेशनों (ऑपरेशन सिंदूर) से लेकर विदे...