लोकतंत्र बिकाऊ है!
अप्रैल 2026 में लोकसभा में पेश हुए Delimitation Bill की वोटिंग में कुल 543 में से 528 सांसदों ने ही भाग लिया था जिसमें TMC के 7, Congress के 2 और 2 Independent सांसदों ने वोटिंग में भाग ही नहीं लिया था और बाकी सीटें खाली थी। इस प्रक्रिया में मोदी सरकार बहुमत के लिए जरूरी 352 वोटों, मतलब सदन में उपस्थित सदस्यों की 2/3 संख्या के आंकड़े से 54 वोटों से हार गई थी। लेकिन उसके बाद शुरू हुआ मोदी सरकार का 'सांसद खरीदो अभियान'! जिसमें TMC के 28 में से 20 सांसद खरीदे गए, और Shivsena (U) के 9 में से 6 सांसदों की नीलामी चल रही है। और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में कांग्रेस गठबंधन से अलग होने के बाद उम्मीद है कि DMK के 30 सांसद Walkout कर जाएंगे। मतलब मोदी सरकार को Delimitation बिल पास कराने के लिए लोकसभा में अब बहुमत का आंकड़ा 352 का नहीं बल्कि सिर्फ 332 का चाहिए होगा! जिसमें NDA के 298 + TMC के 20 + ShivSena के 6 लोकसभा मिलाकर Total हो गए 324, मतलब बहुमत से सिर्फ 8 कम! और संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा दिसंबर में, मतलब अभी अमित शाह के पास खेला करने के लिए पूरे 6 महीने का वक्त है। तो ल...