भारतीय संसद की महाभारत के बीच द्रौपदी का चीर हरण
आज फिर एक बार आर्यावर्त की राज सभा लगी थी! सभा में कौरवों और पांडवों के बीच राज सत्ता को लेकर फिर से महाभारत हो रही थी! और एक बार फिर से उस सभा में दुःशासन ने द्रौपदी का चीर हरण किया! हमारा राजा एक बार फिर से बस धृतराष्ट्र की तरह अंधा बना बैठा रहा! दुर्योधन कौरवों के साथ द्रौपदी के अपमान पर एक बार फिर से हंस रहा था! लोकसभाध्यक्ष भी कर्ण की तरह यह अन्याय होता देख भी खामोश था! और विपक्ष भी पांडवों की तरह असहाय सा तमाशा देख रहा था! बस फर्क इतना था कि इस बार द्रौपदी की लाज बचाने कोई श्रीकृष्ण नहीं आए🙏 अब देखना यह है कि न्याय के मंदिर का देवता सूर्य बनकर क्या पापियों को सजा देगा❓ और क्या इस बार राज देवी मुर्मू एक द्रौपदी की इज्जत बचाने के लिए मुंह खोलेगी या फिर मणिपुर की तरह मौन रहेगी❓