अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो टैरिफ कैसे भारतीय बाजार को प्रभावित करेगा?
हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार सौदे में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो टैरिफ (यानि शून्य आयात शुल्क) लागू होने से भारतीय बाजार पर कई सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। 1. उपभोक्ताओं और बाजार के लिए सकारात्मक प्रभाव सस्ते उत्पादों की उपलब्धता : अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे बादाम, सेब, सोयाबीन, मक्का, डेयरी उत्पाद (जैसे Cheese और Milk पाउडर), और Poultry (मुर्गी मांस) भारतीय बाजार में बिना शुल्क के आ सकेंगे। जि ससे इनकी कीमतें 10-50% तक कम हो सकती हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा। उदाहरण के लिए, सोयाबीन आयल जैसी चीजें सस्ती होंगी, जो खाद्य तेल उद्योग को लाभ पहुंचाएगी। उत्पाद विविधता और गुणवत्ता में वृद्धि : अमेरिकी उत्पादों की आसान पहुंच से बाजार में ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे, खासकर Premium या Processed Foods में। इससे शहरी उपभोक्ताओं और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग को फायदा मिलेगा। औद्योगिक इनपुट्स की लागत कम : सोयाबीन, मक्का और अन्य Feedstock सस्ते होने से पशुपालन, पोल्ट्री और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की उत्पादन लागत घटेगी, जो अंततः भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्ध...