बारामती प्लेन क्रैश का दोषी कौन❓
हाल ही में 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए एक चार्टर प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों निधन हो गया
VSR Ventures की इस Learjet 45 चार्टर प्लेन में अजित पवार के अलावा उनके PA विदिप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शांभवी पाठक भी शामिल थे।
DGCA के अनुसार यह दुर्घटना खराब मौसम के बीच लैंडिंग के दौरान हुई हालांकि आगे की जांच के लिए ये केस CID और AIrcraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को सौंप दिया गया है।
घटना में मरने वाली इस VIP चार्टर प्लेन की कैप्टन शांभवी पाठक का परिवार ग्वालियर के वसंत विहार में है।
उनके पिता भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात रह चुके हैं और ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग रही थी। रिटायरमेंट के बाद वे इंडिगो एयरलाइंस से जुड़ गए।
शांभवी के परिवार में मां रोली शुक्ला पाठक हैं जो एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं और एक छोटा भाई वरुण पाठक है। शांभवी का ननिहाल कानपुर में है जबकि बाकी परिवार वर्तमान में दिल्ली के मालवीय नगर में रहता है।
शांभवी ने ग्वालियर के एयर फोर्स स्कूल से पढ़ाई की थी और मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स में डिग्री लेने के बाद न्यूजीलैंड से प्रोफेशनल ट्रेनिंग पूरी की थी। शांभवी के पास लगभग 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था और वो मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब की सदस्य भी थीं।
शांभवी पाठक ने 28 जनवरी 2026 की सुबह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपनी दादी को Good Morning का आख़िरी मैसेज भेजा था। शांभवी (Nick Name - Cheeni) की दादी ने बताया कि चीनी की मार्च में शादी होनी थी।
शांभवी पाठक ने इससे पहले और की VIPs के लिए प्लेन उड़ाया था जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और एक्टर आमिर खान शामिल हैं।
यहां पर ये जानना जरूरी है कि शांभवी ने न्यूजीलैंड के जिस इंस्टीट्यूट (NZICPA) New Zealand International Commercial Pilot Academy से Flying की Training ली थी, उसको मई 2025 में Civil Aviation Authority (CAA) द्वारा अपर्याप्त प्रशिक्षकों और रखरखाव जैसी सुरक्षा समस्याओं के कारण बंद कर दिया गया था।
न्यूजीलैंड के इस फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का जुलाई 2019 में इंडिगो एयरलाइंस के साथ प्रशिक्षण समझौता हुआ था लेकिन 2025 में आपरेशन बंद होने के बाद नए रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए।
हालांकि जनवरी 2020 से मई 2025 तक NZICPA ने न्यूजीलैंड का Whanganui Flight School बंद होने तक 500 से ज्यादा Candidates को Commercial Pilot के लिए trained कर दिया था।
12 से 24 महीनों के इस कोर्स के लिए Candidates को लगभग 80-90 लाख तक खर्च करने पड़ते हैं।
न्यूजीलैंड में कमर्शियल लाइसेंस ट्रेनिंग के बाद Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से इंडियन लाइसेंस दिलवाने का कांट्रेक्ट, IndiGo Airlines के Senior VP Flight Operations कैप्टन अशीम मित्रा ने दिल्ली की कम्पनी Flightrule Aviation Services को दिया था जिसके CEO 2008 के शौर्य चक्र विजेता भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर राहुल मोंगा हैं।
विंग कमांडर मोंगा को विश्व भ्रमण अभियान पर जाने वाले पहले माइक्रोलाइट विमान के कप्तान के रूप में नियुक्त किया गया था। इस अभियान ने 40,529 किलोमीटर की उड़ान भरी, 19 देशों में 85 स्थानों पर लैंडिंग की और 80 दिनों में विश्व का चक्कर लगाने का एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
राहुल मोंगा ने 1990 से 2012 तक वायुसेना में अपनी सेवाएं देने के बाद 2017 में ये Aviation Training कंपनी शुरू की थी और 2025 में न्यूजीलैंड के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के बंद होने पर Flightrule Aviation ने UK की Acron Aviation के साथ अपने न्यूजीलैंड के कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दिलाने का एग्रीमेंट किया था।
सांभवी पाठक भी इनके इंस्टीट्यूट से ही Corporate Pilot का इण्डियन लाइसेंस लेकर Passout हुई थीं।
अभी तक विंग कमांडर राहुल मोंगा के कार्यकाल की जानकारी सेना की Bharat Rakshak Forum पर उपलब्ध थी लेकिन अब इस जानकारी का access रोक दिया गया है।
इसका मतलब यह हुआ कि IndiGo Airlines के NZICPA के साथ इस न्यूजीलैंड Cadet Pilot Training Program को DGCA और Indian Aviation Ministry का Approval था।
अगर आपको याद हो तो दिसम्बर 2025 में Indigo Airlines का Operation बिल्कुल Collapse हो गया था और 4500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हुईं थीं और हजारों यात्री इस एयरलाइंस के कुप्रबंधन का शिकार हुए थे।
हालांकि बाद में सरकार ने एयरलाइन के ही ऊपर सारा दोष डालकर Fine लगाते हुए उनका Operation Cut कर दिया था और इस बार Baramati Plane Crash में भी सर्विस प्रोवाइडर को ही बलि का बकरा बनाया जाएगा।
तो अगर इंडिगो एयरलाइंस में 2019 के बाद का नया पायलट स्टाफ ऐसे ट्रेंनिग इंस्टीट्यूट्स से ही Trained है तो फिर ऐसी लचर ट्रैनिंग वाले इंस्टीट्यूट से अपने पायलटों को ट्रेनिंग कराकर भारतीय नागरिकों की जान जोखिम में डालने का दोषी DGCA और Ministry of Civil Aviation को क्यों नहीं ठहराया जाए❓

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